22 Apr 2016

Choose your words carefully,speaking is very important in life


Is very important in life
Speaking


Think before speak...???


बोलनेका हमारे जीवनमे बहुत महत्व हे


Speaking 2 प्रकार का होता हे 1) अच्छा बोलना  2) बुरा बोलना


अच्छा बोलना(Speak) जेसे...
किसीको अच्छा feel करवाना
किसीको प्रोत्साहित(Encouraging) करना
किसीको दिलासा(Console) देना
किसीकी तारीफ़(Praise) करना

इसके फायदे ...
हमारे ज्यादा Friend होंगे
हमारे Relation अच्छे होंगे
अगर हम Salesman होगे तो अपनी Product अच्छे से Sale कर शकेंगे
लोग हमारे आगे पीछे घूमेंगे,हमसे दोस्ती करना चाहेंगे

बुरा बोलना...
किसीको भला बुरा कहना
किसीकी बुराई करना
किसीकी निंदा(Condemnation) करना

इसके नुकशान...
लोग हमसे दूर भागेंगे
हमारे Relation अच्छे नही होंगे
हमारे ज्यादा Friend नही होंगे
और यदि हम Salesman होंगे तो हमारी Product कभी बिकेगी ही नही
हम हमेशा कही पर भी अकेले ही होंगे

बोलनेसे पहले हमेसा सोचे,सोच समजकर बोले,हम क्या करते हे पहले तो सब बोल देते हे,जो नही बोलना होता वह भी,फिर थोड़े समय बाद अकेले पड़ते हे तब सोचते हे तो एहसास(Feel) होता हे की यार मुझे यह नही बोलना चाहिए था,में Over react कर गया,हमे यह एहसास होता ही हे,लेकिन बादमे पछताने(Repent) से क्या फायदा बोले हुए शब्द वापस तो नही आयेगे,जेसे एक बार यदि कमान से तीर निकल गया फिर वापिस नही आता.

हमारे शब्दों से किसीकी भावनाओ को ठेस पहोचती हे और यह हमारे रिश्ते(Relation) को तोड़ देते हे,शब्दों(Words) से लोगोको इतनी ठेस पहुच शकती हे जितनी उसके जीवनमे भूकंप आनेसे भी नही पहोचती.

कितना बोलते हे उससे कोई फर्क नही पड़ता लेकिन क्या बोलते हे उससे फर्क पड़ता हे.

"वाणी(Speech) का अदभुत प्रभाव होता हे,कडवा बोलने वालेका शेहद भी नही बिकता,और मीठा  बोलने वाले की मिर्च भी बिक जाती हे"

"बेहतरीन इंशान अपनी मीठी जुबान से ही जाना जाता हे,वरना अच्छी बाते तो दीवारों पर भी लिखी होती हे"

एक आदमीने अपने Best Friend की निंदा की फिर बादमे उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और फिर वह उसके पास माफ़ी मांगने गया,वह Friend उसे माफ़ तो करना चाहता था लेकिन उसे अपनी गलती का एहसास भी करवाना चाहता था इसलिए उसने एक तरकीब सोची, उसने माफ़ी मांगने आये अपने Friend को  कहा की यह लो कागज़ से भरा Basket और इसे वहा Ground में जाकर बिखेर के आ जाओ,वह Friend बिखेरके वापिस आया,फिर उसने उसे कहा की जाओ और  वह सब कागज़ को वापिस इस Basket में भरकर ले आओ,वह वहा वापिस गया और उसने सब कागज़ इकठा करनेकी बहुत कोशिस की लेकिन ज्यादा हवा होनेकी वजह से सारे  कागज इधर उधर उड़ गये थे,वह खाली बास्केट के साथ वापिस आया तब उसके Friend ने उससे कहा की यह बात हमारे जीवन पर भी लागू होती हे,हम किसी को कुछ भी आशानी से बोल तो देते हे लेकिन उसे फिर वापिस नही ले शकते.


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