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| Reverence |
आदमी को जब कोई परम शक्ति(God) में श्रद्धा(reverence) बैठ जाती तो वह निर्भय हो जाता हे,अपनी श्रद्धा के बल पर वह तमाम मुश्केलिओ से बाहर निकलता हे,श्रद्धा में एक सकारात्मक(positive) ऊर्जा होती हे.
एक British दम्पति को Indian आध्यत्मिक(Spiritual) ज्ञान के प्रति खूब मान था,और वह इसे अभ्यास(study) करने हेतु बरसो तक India में रहे,एक बार Husband ने England वापस जानकी इच्छा जताई,Wife को लगा की अपना काम पूरा नहीं होता हे इसलिए Husband का विस्वास डगमगा गया हे,आखिर उन्होंने इंडिया छोड़ा और दरियाई मार्ग से इंग्लैंड निकल पड़े,वह लोग आधे रास्ते तक आये होंगे की मौसम बदल गया और बहुत बड़ा तूफान आया,Wife बहुत गभराते हुए अपने हस्बैंड को ढूंढती डेक पर पहोची तो,उसके Husband कोई सुंदर द्र्स्य(scene) देख रहे हो वैसे तूफान को देख रहे थे,Wife ने कहा,सब लोग अपने Cabin में सलामती की व्यवस्था कर रहे हे तब आप यह क्या कर रहे हो,क्या आपको डर(fear) नहीं लगता?,Husband ने अपने Pocket मे से पिस्तौल(revolver) निकाली और Wife के शिर(head) की और टांक दी,वाइफ हंसने लगी,हस्बैंड ने पूछा, तुमको दर नहीं लगता?, वाइफ ने कहा,क्या आपको पता नहीं हे की मुझे आप पर कितना भरोसा(Trust) हे?,आप मुझे थोड़ी मारोगे?
Husband ने हंसकर उसको समजाया की,जिस तरह तुमको मुझपर पूरा भरोसा हे उस तरह मुझे भी मेरे परमेश्वर(God) पर पूरा भरोसा हे,थोड़ी देर में तो तूफान पूरा शांत हो गया,इतने समय में वाइफ को भी समज में आ गया की,अपना Husband श्रद्धा डगमगाने लगी थी इस वजह से इंडिया छोड़कर नहीं जा रहे थे लेकिन अपना लक्ष्य पूरा होनेके पच्छात ही जा रहे थे.
आदमी को जब कोई परम शक्ति में पूरा विस्वास हो जाता हे तब वह निर्भय हो जाता हे,अपने श्रद्धा के बल पर वह हरेक मुश्केलिओ से बाहर निकल जाता हे,श्रद्धा में सकारात्मक ऊर्जा होती हे.

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