में यहाँ पर बात करने जा रहा हु की कैसे हमारा Attitude किसी चीज के प्रति बदलता हे|
कोई इंसान हमारे साथ होता हे,जैसेकि वह हमारे साथ में पढ़ता हो,Job करता हो,या फिर हररोज हम उसे देख रहे हो लेकिन हमारी उससे कभी बातचीत न हुई हो,या फिर हमने उसके साथ कभी Time spend न किया हो तो हम उसके बाहरी देखाव ऊपर से हमारे Mind में उसके प्रति एक दृश्टिकोण(Attitude) बन जाता हे जैसेकि वह घमंडी हे,अभिमानी हे,शकी हे,या फिर वह पैसे वाला होगा तो उसे पैसे का Power हे लेकीन सहिमे वेसा नही होता,हो शकता हे वह बहूत ही अच्छा इंसान हो,उसका स्वभाव(Nature) बहोत ही अच्छा हो, लेकिन हमको यह तब पता चलेगा जब उससे किसी दिन हमारी बातचीत होगी, या हमे उसके साथ Time Spend करनेको मिलेगा।
आपके साथ भी ऐसा कभी हुआ होगा आपने किसी व्यक्ति के प्रति बनाया हुआ दृश्टिकोण(Attitude) एक Minut में टूट गया होगा,क्योंकि सहिमे आपने सोचा होगा वेसा बिलकुल नही होगा।
तो My friends पहलेसे अपने Mind में या फिर मन में एक गांठ मत बांध लीजिये की जैसा आप सोच रहे हो वही सही हे,या वेसा ही होगा,क्योंकि जेसा हम सोच रहे हो वेसा बिलकुल न हो और सच्चाई(Truth) कुछ भिन्न(Different) ही हो,कुछ भी जांचे,परखें बिना द्रष्टीकोण मत बनाईए।
जेसे की हम पहले बरसो से यह मान रहे थे की पृथ्वी(Earth) सपाट(Flat) हे,सीधी हे, यह बरसो तक चला लेकिन बादमे किसी Scientist ने Research किया की पृथ्वी(Earth) सपाट नही लेकिन गोल(Round) हे तो बरसो से हमरे अंदर जो इसके प्रति द्रष्टीकोण बना था की यह सपाट हे वह 1 Minut में ही टूट गया,और जैसा हम बर्सो से सोच रहे थे वेसा कुछ था ही नही लेकिन सच्चाई(Truth) कुछ और ही था,ऐसे टूट जाता हमरा द्रष्टीकोण।
और कोई चीज होती हे जो पहले कुछ अलग होती हे लेकिन बादमे Change होती हे जेसे Swift Dezire जो Suzuki Motor की Car हे उसका पहले एक मॉडल था, लेकिन अभी उन्होंने एक नया Model Market में रखा,पहले क्या था Car की पीछेकि डिकी बड़ी थी लेकिन नए Model में उन्होंने इसे छोटा कर दिया तो हम बाते करते थे की यार ये क्या कर दिया उन्होंने इसे छोटा क्यों कर दिया,अब ऐसा लगता हे की Car को पिछेसे किसी ने कांट दिया हो,पेहले थोड़े समय तक यह पसन्द नही आया लेकिन जेसे हम इसे देखते गए,समय बीतता गया वेसे वेसे ये नया Model हमको पसन्द आता गया,तो ऐसे पहले द्रष्टीकोण बनता हे और बादमे यह Change होता हे,सभी चीज में ऐसा ही होता हे।
यह Story का तातपर्य यह हे की किसी भी चीज के बारेमे पहलेसे द्रष्टीकोण मत बनाइये क्योकि सच्चाइ कुछ और भी हो सकती हे और दृश्टिकोण Change भी हो शकता हे।
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