22 Mar 2016

how to control our Mind? क्या आप अपने मन को कंट्रोल करना चाहते हे



Know how we can
Mind Control


हम सब अपने मन(mind) को हमारे Control मे करना चाहते हे,हम चाहते हे की हम हमारे विचारोको(thought's) अपने कंट्रोल में रखे,हम सबको हमारी Daily life में हमारे मन(mind) को,हमारे विचारोको Control करनेकी जरूर पड़ती हे,क्योंकि हम सब शान्ति(peace) और सुकून की Life जिना चाहते हे,हमको सबसे ज्यादा मन को Control करनेकी जरूर तब होती हे जब हमारे जीवनमे कोई दुखद(sad) घटना घटती हे,जेसे कोई हम पर बिना वजह बहुत गुस्से(angry) हो गया और हमे बहोत भला बुरा सुना दिया,कोई हमारा करीबी हमको छोड़कर चला गया या हमको धोका दे दिया,या फिर हमपर कोई बड़ी मुसीबत आ पड़ी या आनेवाली हो उस पल हमारे मन पर,हमारे विचोरो पर Control करना बहोत ही मुश्किल होता हे,और उसपर Control किये बिना हमारी life बहुत ही मुश्किल हो जाती हे और हम टूट,बिखर जाते हे,तो इस पर कंट्रोल कैसे करे?

Read This Story


एक महात्मा(Saint) के पास आकर एक राज कुमारी(princess) ने पूछा,महाराज,आप के पास मनकी शांति का,उसे Control करनेका कोई उपाय हे? महात्मा ने कहा,मेरे पास उपाय हे और वह बहुत simple हे,तुम अभी मेरे सामने अपनी eyes बन्ध कर 1 घण्टे के लिए बैठ जाओ,अगर तुम एक श्ण(moment) के लिए भी अपनी आँख नही खोलोगी तो में तुम्हे इसका राज़(secret) बताऊंगा,राजकुमारी तो बहुत ही आनन्दित हो गयी और उनके सामने बैठ गई,उसने अपनी आँख बन्ध कर दी,पहली 15 minute तो यह चला,लेकिन बादमे उसको अपनी आँखे खोलनेका मन होने लगा,उसने अपने मन को समजाया और अपनी आँखे बन्ध रखी, थोड़ी देर बाद उसको ऐसा एहसास(feel) हुआ की महात्मा कहि जा रहे हे,उसको उस समय अपनी आँखे खोलकर यह देखनेका मन हुआ लेकिन,उसको अपनी आँखे बन्ध रखनी हे यह याद आ गया,थोड़ी देर बाद उसको महात्मा के आनेकी आवाज सुनाई दी,और महात्मा ने कुछ बरतन(utensils) निचे रखे हो ऐसी आवाज उसको सुनाई दी,उसको वह देखनेकी खूब आतुरता हुई की महात्मा क्या लाये होंगे? eyes थोड़ी खोलकर देख लेनेका भी मन हुआ,लेकिन उसको महात्मा की शर्त याद थी इसलिए अपना मन मककम रखा और आँखे बन्ध रखी,और अपनी इच्छा को दबा दी,1 घण्टे बाद महात्मा ने कहा,अब आप अपनी आँखे खोल शकती हो,आप अपनी परिक्षा मे pass हुऐ हो,राजकुमारी ने अपनी आँख खोलते ही कहा की,अब मुझे अपने मनको शान्त रखनेका,उस पर Control करनेका उपाय बताओ,महात्मा ने कहा,उपाय? वह तो तुमको मिल ही गया हे,आप अपनी आँखे बन्ध कर यहा जितनी देर बैठी उस समय आपको कितनी बार अपनी eyes खोलनेका मन हुआ? पर आपने आपके मन को पकड़ कर रखा।

उसी तरह हम अपने मन को अशांति,चिंता की और जानेसे पहले पकड़ शकते हे,उस पर Control कर शकते हे,हमारे बेचैन मन को,चंचल मन को समजाना और उसको पकड़कर रखना हमारे ही हाथ में हे,हमको बस सिर्फ थोडा प्रयत्न करना हे।


आपको यह post कैसी लगी? यदि अच्छी लगी हो तो please इसे अपने friends और relatives के साथ share करना न भूले और निचे comment box में comment जरूर करें

No comments:

Post a Comment