हरेक व्यक्ति सत्य को अपनी तरह से देखता हे और Experience करता हे, लेकिन सत्य तो उतना विशाल हे की उसके बारे में दावे के साथ कुछ कहा नही जा सकता, इसलिए सत्य के बारे में एकमत नही बांध लेना चाहिए|
एक मैदान में Mahatma प्रवचन दे रहे थे, वह बोल रहे थे की ईश्वर मनुष्य को मार्गदर्शन देनेके लिए अवतार धारण करते हे, तभी एक आदमी ने हाथ उचा कर खड़े हो कर बोला, Ishwar सर्व शक्तिमान हे और पृथ्वी पर मानव स्वरूप अवतार में जन्म लेते हे उस पर मुझे विश्वास नही हे, Mahatma ने जवाब दिया की भाई ईश्वर सबकुछ कर सकते हे, लेकिन उनकी लीला उनकी कृपा के बिना समजमे नही आती,युवक थोड़ी देर महात्मा की बात पर विचार कर अपने घर गया और अपने काम में मशगूल हो गया, शाम को पूरी तरह से मौसम बदल गया, आंधी आएगी ऐसा वातावरण हो गया था, उसने अपने घर की खिड़की में से देखा तो उसके आँगन में हंसो का काफिला आया हुआ था, तूफान में ये मेहमानो को देखकर उसे चिंता होने लगी थी,उसको लगा की तूफान आएगा तो Goose मारे जायेंगे,उसने अपना गेरेज खोलकर उनको अंदर करने के लिए कोशिस की लेकिन हंस तो उलटे डरकर भागने लगे,युवक ने दाने दाल कर उनको ललचाने का प्रयत्न भी किया पर वह Success न हुआ बादमे वह घर में जाकर हंस जैसी सफेद चादर और Goose जैसा शिर कर उनके पास गया, बादमे धीरे से वह गेरेज की और सरकने लगा,और दूसरे हंस भी उसको देखकर गेरेज में जाने लगे, युवक को अचानक महात्मा की बात समझने आई की ईश्वर भी मनुस्य को मार्गदर्शन देने के लिए मनुस्य बनकर अवतार लेते हे|
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| Goose |
शायद इसीलिए केह्नेमे आता हे की परमेश्वर का कार्य तर्क और विचारो की पकदमे आये वैसा नही होता, उसे समझने के लिए प्रज्ञा की जरूर पड़ती हे|

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